NEW DELHI NEWS. भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए ट्राई सीरीज फाइनल में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेलते हुए उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। हालांकि वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ए ने 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। वैभव ने सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्या के साथ पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रन जोड़कर टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। जब उनका विकेट गिरा, तब भारतीय टीम का स्कोर 132 रन था और मैच पर पूरी तरह पकड़ बन चुकी थी।

सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बने
वैभव सूर्यवंशी ने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह उपलब्धि Yuvraj Singh के नाम थी, जिन्होंने 2007 टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था।
लिस्ट ए फाइनल खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी
मैदान पर उतरते ही वैभव ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली। 15 साल 86 दिन की उम्र में वह लिस्ट ए क्रिकेट का फाइनल खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए।

लिस्ट ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी
अपनी 11 गेंदों की अर्धशतकीय पारी के साथ वैभव ने लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
बिना दौड़े पूरे किए 50 रन
वैभव की पारी की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा होने तक एक भी रन दौड़कर नहीं लिया। 50 रन तक पहुंचने के लिए उन्होंने केवल चौके और छक्कों का सहारा लिया। अर्धशतक पूरा करने तक उनके बल्ले से 5 चौके और 3 छक्के निकल चुके थे।

पावरप्ले में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड
दो देशों के बीच खेले गए मुकाबलों में पावरप्ले के दौरान सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अब वैभव के नाम दर्ज हो गया है। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर भारत ए ने 7 ओवर के भीतर ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया।

शतक से चूके, लेकिन दिल जीत लिया
वैभव सूर्यवंशी 94 रन बनाकर आउट हुए और शतक से महज 6 रन दूर रह गए। उन्होंने अपनी 29 गेंदों की पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाए। उनकी स्ट्राइक रेट 300 से अधिक रही, जो इस पारी की आक्रामकता को दर्शाती है। कम उम्र में ऐसी पारी खेलकर वैभव ने न सिर्फ कई रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।





































