DURG NEWS. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के नवीन सभागार में विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पैरालीगल वालंटियर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के वार्षिक कैलेंडर के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में किया गया।

सुबह 7 बजे शुरू हुए योग सत्र में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सदस्य, न्यायालयीन कर्मचारी और प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
योग प्रशिक्षण के लिए आर्ट ऑफ लिविंग भिलाई के मास्टर ट्रेनर को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। प्रशिक्षक ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया तथा योग से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ और लचीला बना रहता है, वहीं मानसिक तनाव को दूर कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने में भी मदद मिलती है। प्रशिक्षक ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनावमुक्त रहने का सबसे प्रभावी माध्यम योग है।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आह्वान किया।






































