RAIPUR NEWS. प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने शिक्षकों को वर्ष 1998 से सेवा गणना करते हुए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने की मांग को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज किशोर तिवारी और प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश सिंह के नेतृत्व में 15 जून 2026 को सरगुजा संभाग आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को ज्ञापन भेजा गया। इसी मांग को लेकर प्रदेश के सभी संभागों में भी ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों की लगभग 20 वर्षों की सेवा को नजरअंदाज कर उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित किया जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ अन्याय और भेदभावपूर्ण व्यवहार बताया गया।

20 वर्षों की सेवा को मान्यता देने की मांग
शिक्षक कल्याण संघ का कहना है कि शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति शासन के नियमों के तहत हुई थी और वे विद्यालय शिक्षा विभाग के पदों पर कार्यरत रहे हैं। उनका वेतन भी शिक्षा विभाग की वित्तीय व्यवस्था से दिया जाता था। ऐसे में उनकी प्रारंभिक सेवा अवधि को शून्य मानना उचित नहीं है। संघ ने मांग की है कि शिक्षकों की संपूर्ण सेवा अवधि को मान्यता देते हुए वर्ष 1998 से गणना कर पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

सेवानिवृत्त शिक्षकों की स्थिति पर जताई चिंता
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही बुजुर्ग शिक्षकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का प्रमुख आधार होती है। वर्तमान में कई सेवानिवृत्त शिक्षक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कुछ मजदूरी करने को मजबूर हैं तो कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में सरकार और जनप्रतिनिधियों को उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।

मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो शिक्षक समुदाय आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश के पांचों संभागों में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।






































