संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में कर्मचारियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवा देने वाले शिक्षकों की लगभग 20 वर्षों की सेवा को नजरअंदाज कर उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित किया जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ अन्याय और भेदभावपूर्ण व्यवहार बताया गया। Read More


































