BALRAMPUR NEWS. छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश सीमा पर बलरामपुर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य का 20 क्विंटल गांजा जब्त किया है। बसंतपुर थाना पुलिस ने धनवार चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर एक 16 चक्का ट्रक से 2000 किलो गांजा बरामद किया। इस कार्रवाई में पिछले पांच महीने से फरार अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना और ट्रक मालिक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध ट्रक उत्तर प्रदेश सीमा की ओर बढ़ रहा है। सूचना के आधार पर शुक्रवार तड़के धनवार चेकपोस्ट पर सघन जांच अभियान चलाया गया। ट्रक को रोककर तलाशी लेने पर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।

तस्करों ने गांजे की बोरियों को ट्रक के निचले हिस्से में छिपाकर उसके ऊपर पाउडर से भरी प्लास्टिक की बोरियां रख दी थीं, ताकि सामान्य जांच में किसी को शक न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते पूरा खेल खुल गया और 50 से अधिक बोरियों में भरा गांजा बरामद कर लिया गया।

जांच में सामने आया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी लोकेश कुमार उर्फ लोकेश शर्मा (46) निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश, अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। पांच महीने पहले भी बलरामपुर पुलिस ने 12 क्विंटल गांजा जब्त किया था, जिसकी जांच में लोकेश का नाम सामने आया था। तब से वह फरार चल रहा था।

इस बार साइबर सेल की तकनीकी निगरानी और लाइव ट्रैकिंग के जरिए पुलिस को उसके मूवमेंट की जानकारी मिली। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे चेकपोस्ट पर धर दबोचा। उसके साथ मुजफ्फरनगर निवासी आमिष उर्फ आमिर अंसारी (23) को भी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गांजे की खेप ओडिशा के सोनपुर जिले से लोड की गई थी और इसे उत्तर प्रदेश पहुंचाया जाना था। तस्कर रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर समेत कई जिलों से होकर गुजर चुके थे, लेकिन बलरामपुर पुलिस की मुस्तैदी के कारण सीमा पार करने से पहले ही पकड़े गए।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और स्थानीय संपर्कों की तलाश में जुटी हुई है।






































