FAKE ANTI-CORRUPTION OFFICER ARRESTED: दतिया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) झांसी का फर्जी इंस्पेक्टर बनकर एक सराफा कारोबारी से 29 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कारोबारी को एफआईआर दर्ज होने और जेल भेजने का डर दिखाकर कई किश्तों में बड़ी रकम ऐंठ ली।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जालौन निवासी मनीष गुबरेले के रूप में हुई है। आरोपी लंबे समय तक खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो झांसी का इंस्पेक्टर बताकर कारोबारी को झांसे में रखता रहा। उसने फर्जी पहचान पत्र, कथित सरकारी दस्तावेज और काली वर्दी का इस्तेमाल कर विश्वास हासिल किया।
एफआईआर और जेल का डर दिखाकर वसूली
पीड़ित सराफा कारोबारी प्रियांश के मुताबिक, आरोपी काली वर्दी पहनकर उसकी दुकान पर पहुंचा और खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो झांसी का इंस्पेक्टर मनीष कुमार बताया। उसने एक कथित एफआईआर की प्रति और पहचान पत्र दिखाते हुए कहा कि एके गुप्ता नामक व्यक्ति ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

आरोपी ने मामले को गंभीर बताते हुए जेल भेजने की धमकी दी और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसे की मांग की। पहले उसने 10 लाख रुपये लेकर मामला खत्म कराने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद 10 जून और 12 जून 2025 को पांच-पांच लाख रुपये लिए गए।
बाद में शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने का हवाला देकर 25 जून को पांच लाख और 15 जुलाई को 10 लाख रुपये की अतिरिक्त वसूली की गई। इसके बाद फाइल बंद कराने और एफआर लगाने की बात कहकर 20 अगस्त को 4.50 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में कुल 29.50 लाख रुपये ठग लिए।
ऐसे खुली ठगी की पोल
कुछ समय बाद कारोबारी को संदेह हुआ तो उसने एके गुप्ता से संपर्क किया। बातचीत के दौरान जब उसने शिकायत खत्म कराने के लिए दी गई रकम का जिक्र किया, तब एके गुप्ता ने किसी भी शिकायत या कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
इसके बाद प्रियांश सीधे झांसी स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो कार्यालय पहुंचा, जहां उसे पता चला कि मनीष कुमार नाम का कोई इंस्पेक्टर वहां पदस्थ नहीं है और न ही उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज की गई है। तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
फर्जी वर्दी और दस्तावेज बरामद
पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। जांच के बाद गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से राष्ट्रीय असिस्टेंट प्रमुख एंटी करप्शन विजिलेंस फोर्स की नेमप्लेट लगी कार, तीन स्टार वाली फर्जी वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, लेटरपेड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।





































