DURG NEWS. विद्यार्थियों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाने और लंबित परिणामों सहित कई समस्याओं को लेकर छात्र नेशनल हाईवे-30 पर चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की लापरवाही और तकनीकी त्रुटियों के कारण सैकड़ों छात्र परेशान हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।

छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थियों ने नियमित रूप से परीक्षा दी थी, लेकिन परिणाम में उन्हें अनुपस्थित दर्शा दिया गया। वहीं कई छात्रों को बिना स्पष्ट कारण के एटीकेटी (ATKT) दे दी गई। कुछ विद्यार्थियों के परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं, जबकि कई अंकपत्रों में अंकों से जुड़ी त्रुटियां सामने आई हैं। विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पर्याप्त जांच किए बिना यूएफएम (अनुचित साधन प्रयोग) की कार्रवाई कर दी गई, जिसके चलते संबंधित छात्रों के परिणाम रोक दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि अधिकांश विद्यार्थी किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। उनके माता-पिता कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर बच्चों को उच्च शिक्षा दिला रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक या तकनीकी खामियों के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित होना बेहद चिंताजनक है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय में निर्धारित शुल्क जमा किया है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना भी संस्थानों की जिम्मेदारी है। बार-बार विश्वविद्यालय और कॉलेज के चक्कर लगाने से विद्यार्थियों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

छात्रों की ये हैं प्रमुख मांगें
-एटीकेटी मामलों की निःशुल्क पुनः जांच कराई जाए।
-परीक्षा में उपस्थित रहने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाए गए विद्यार्थियों के मामलों का तत्काल निराकरण किया जाए।
-लंबित परिणाम जल्द जारी किए जाएं।
-अंकपत्रों और परिणामों में हुई तकनीकी त्रुटियों को सुधारा जाए।

-यूएफएम के सभी मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर गलत कार्रवाई को निरस्त किया जाए।
-विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए।
-महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए।
-विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से विश्वविद्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
-आवश्यक होने पर महाविद्यालय का अधिकृत प्रतिनिधिमंडल विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय जाकर समाधान प्रक्रिया में सहयोग करे।
-सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए समयबद्ध कार्ययोजना जारी की जाए।





































