TEHRAN NEWS. मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। तेहरान का कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका पर होगी। ईरानी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दावा किया कि अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप स्थित तटीय रडार एवं निगरानी केंद्रों को निशाना बनाया। ईरान के अनुसार यह कार्रवाई सीजफायर की शर्तों के विपरीत है।

क्षेत्र में पिछले एक दिन के दौरान कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। लेबनान में जारी संघर्ष में मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 3,593 तक पहुंचने का दावा किया गया है, जबकि करीब 11 हजार लोग घायल बताए गए हैं। दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए हमलों में एक ब्रिगेडियर जनरल समेत 10 लोगों की मौत की खबर है। उधर अमेरिका ने दावा किया कि उसने होर्मुज क्षेत्र में कई ईरानी ड्रोन को मार गिराया है और केश्म द्वीप की कुछ सैन्य निगरानी साइटों पर कार्रवाई की है।

इसके जवाब में ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन की दिशा में मिसाइलें दागे जाने के दावे भी सामने आए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक संभावित शांति समझौते की सबसे बड़ी बाधा ईरान की फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्तियां बनी हुई हैं। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही उसकी अरबों डॉलर की राशि जारी की जाए, जबकि अमेरिका अभी इस मांग पर सहमत नहीं है।

ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में सैकड़ों लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटिश सरकार से इजराइल को समर्थन बंद करने और फिलिस्तीनी क्षेत्रों में जारी कब्जे को समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की मांग की। जॉर्डन ने लेबनानी सैन्य काफिले पर हुए इजराइली हमले की निंदा करते हुए इसे लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा के खिलाफ बताया। जॉर्डन सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।

अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इजराइल को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने वाले प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका कहना है कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे से जारी सैन्य सहयोग पर गंभीर बहस की जरूरत है और मौजूदा प्रस्ताव वास्तव में सहायता बढ़ाने का माध्यम बन सकता है। हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना के एक मर्कावा टैंक और सैनिकों को निशाना बनाया। संगठन ने कहा कि वह आगे भी अपने अभियानों को जारी रखेगा।

खाड़ी देशों को राहत देने पर विचार
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका ईरान की जब्त संपत्तियों का उपयोग कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए करने की संभावना पर विचार कर रहा है। इस संबंध में विभिन्न देशों से नुकसान का आकलन जुटाया जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा बन रहे थे, इसलिए उन्हें निष्क्रिय किया गया।




































