KOLKATA NEWS. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तपन माइती और आकाश भी शामिल हैं, जिनकी घटना से जुड़े वीडियो फुटेज में मौजूदगी की बात सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों की भीड़ ने उनके साथ धक्का-मुक्की और हमला किया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और इसे लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई। घटना के बाद टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक को भर्ती न किया जाए। उनके मुताबिक, यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का गलत उदाहरण पेश करती है। हालांकि भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी का कोलकाता के बेल व्यू क्लिनिक में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, 30 मई 2026 को हुई जांच में उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई।

भाजपा ने टीएमसी पर पलटवार किया
इस मामले को लेकर भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय तक पुलिस की कथित बर्बरता और कुछ विवादित नेताओं का प्रभाव देखने को मिला। उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों में अहंकार झलकता रहा है। अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी ने चुनाव परिणामों को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं और देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ भी आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। भाजपा का कहना है कि टीएमसी राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।




































