BILASPUR NEWS. बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जीवन बीमा और चिकित्सा बीमा दावे से जुड़े एक मामले में बीमा कंपनी HDFC Life को उपभोक्ता के पक्ष में भुगतान करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कंपनी को 45 दिनों के भीतर कुल 9,60,749 रुपये का बीमा दावा चुकाने के साथ ही मानसिक एवं शारीरिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है।

बिलासपुर के सिंधी कॉलोनी निवासी जितेन्द्र खुशलानी ने आयोग में परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि उनकी माता आरती खुशलानी के चिकित्सा एवं जीवन बीमा दावे को कंपनी ने अनुचित रूप से अस्वीकार कर दिया। परिवाद के अनुसार आरती खुशलानी ने मई 2020 में एचडीएफसी लाइफ संचय पार एडवांटेज पॉलिसी ली थी। पॉलिसी के तहत चिकित्सा बीमा के लिए 5.10 लाख रुपये और मृत्यु जोखिम कवर के लिए 5.27 लाख रुपये की बीमा राशि स्वीकृत थी। पॉलिसीधारक नियमित रूप से प्रीमियम का भुगतान भी कर रही थीं।

दिसंबर 2021 में स्वास्थ्य बिगड़ने पर आरती खुशलानी को रायपुर स्थित बाल्को मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार पर 20,110 रुपये खर्च हुए। इसके बाद उन्हें मुंबई के जसलोक अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार का बिल 4,12,798 रुपये बना। लंबे इलाज के बाद 24 फरवरी 2022 को उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पुत्र जितेन्द्र खुशलानी ने चिकित्सा व्यय और मृत्यु दावा मिलाकर कुल 9,60,749 रुपये का बीमा दावा कंपनी के समक्ष प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने दावा खारिज करने को उचित बताते हुए कहा कि पॉलिसीधारक ने अपनी पूर्व बीमारी और मेडिकल हिस्ट्री की पूरी जानकारी नहीं दी थी। इसी आधार पर दावा निरस्त किया गया था। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद आयोग ने माना कि बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कमी बरती गई है।

अब इतना देना होगा जुर्माना
फोरम ने आदेश दिया है कि 45 दिन में बीमा दावा चिकित्सा 4 लाख 32 हजार रुपये और मृत्यु बीमा दावा मद में 5 लाख 27 हजार कुल 9 लाख 60 हजार 749 रुपये का भुगतान बीमा कंपनी को करना होगा। फोरम के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल, सदस्य पूर्णिमा सिंह आलोक कुमार पाण्डेय ने फैसला दिया है।




































