MANEDRAGARH NEWS. जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्वामी रामभद्राचार्य पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भाजपा का प्रचारक करार दिया है। उनके बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

दरअसल, स्वामी रामभद्राचार्य इन दिनों चिरमिरी में आयोजित रामकथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच उनके कार्यक्रम और बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

मीडिया से चर्चा के दौरान चरणदास महंत ने कहा कि स्वामी रामभद्राचार्य भाजपा का प्रचार करने आए हैं। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें न जगद्गुरु मानता हूं और न गांव का गुरु।” महंत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह उनसे आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे।

वहीं, इस मामले में सांसद ज्योत्सना महंत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले स्वामी रामभद्राचार्य से मिल चुकी हैं और उनकी कथा भी सुन चुकी हैं। ज्योत्सना महंत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सबसे बड़ा धर्म जनता की सेवा और विकास कार्य होना चाहिए।

महंत दंपति के बयानों के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया। भाजपा नेता पुरंदर मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता साधु-संतों का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संतों के श्राप से बचना चाहिए और पार्टी विध्वंसकारी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए भी कांग्रेस पर हमला बोला।

स्वामी रामभद्राचार्य को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती दिखाई दे रही है।


































