NEW DELHI NEWS. तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। विधानसभा में 13 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले विपक्षी दल AIADMK के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नए समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं।

सीवी शनमुगम ने कहा कि जनता ने TVK नहीं, बल्कि विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं। लोगों का जनादेश विजय को मुख्यमंत्री बनाने के लिए है। हम मुख्यमंत्री विजय को बधाई देते हैं और उनके नेतृत्व वाली TVK सरकार को समर्थन देते हैं।

शनमुगम ने AIADMK के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना ही DMK के विरोध में हुई थी और पिछले 53 वर्षों से उसकी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर DMK के समर्थन से सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका कड़ा विरोध किया।

अगर AIADMK, DMK के साथ जाती तो पार्टी का अस्तित्व खत्म हो जाता। नेताओं ने इस स्थिति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। सीवी शनमुगम ने कहा कि फिलहाल AIADMK किसी गठबंधन में नहीं है और पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन को फिर से मजबूत करना है।

इसी रणनीति के तहत TVK को समर्थन देने का फैसला लिया गया है। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि AIADMK दो गुटों में बंट सकती है और आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





































