KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर गंभीर सांठगांठ के आरोप लगाए हैं। मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाएंगी।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीता गया, बल्कि उन्हें साजिश के तहत हराया गया है। उन्होंने कहा हम चुनाव हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का परिणाम है। ममता ने दावा किया कि काउंटिंग सेंटर तक पर कब्जा कर लिया गया था और ‘SIR’ के बहाने उनकी करीब 100 सीटें लूटी गईं।

दुर्व्यवहार का लगाया आरोप
अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री काफी भावुक और आक्रामक नजर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। ममता ने कहा, मेरे पेट और पीठ पर लात मारी गई और मुझे धक्का देकर बाहर निकाला गया। उन्होंने ईवीएम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई जगह वोटिंग के बाद भी मशीनें 100% चार्ज कैसे रह सकती हैं?

एक नजर आंकड़ों पर
हाल ही में आए नतीजों के अनुसार, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से:
भाजपा: 207 सीटें (बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा)
TMC: 80 सीटें
अन्य: 07 सीटें

बंगाल के इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने की ओर अग्रसर है। हालांकि, ममता बनर्जी के इन आरोपों और इस्तीफे न देने के फैसले ने राज्य में एक नए संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा कर दी है। विपक्षी खेमे में इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है।





































