NEW DELHI NEWS. नई दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार सुबह एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने 9 लोगों की जान ले ली। हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। आग तेजी से फैलते हुए 5-6 फ्लैट्स को अपनी चपेट में ले गई। दमकल की 10 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेस्क्यू टीम ने बालकनी और खिड़कियों के जरिए करीब 10-15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें से दो लोग घायल हुए, जिन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। आग इमारत के 5-6 फ्लैट्स में फैली थी। लोगों के शव अलग-अलग फ्लोर से बरामद हुए हैं। पहले फ्लोर से एक शव, दूसरे फ्लोर से 5 और तीन शव तीसरे फ्लोर की सीढ़ियों पर मिले हैं। इन सीढ़ियों का मेन गेट लॉक था। कुछ शव कंकाल हालत में मिले हैं।

डीसीपी ने कहा कि 10 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आई थीं। करीब 15 लोगों को बालकनी और खिड़कियों के जरिए बाहर निकाला गया। जिनमें से दो लोगों को हल्की चोटें आईं और उन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डीएफएस अधिकारी मुकेश वर्मा ने बताया कि सुबह 3:47 बजे इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही हमारी दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं।

इमारत में चार मंजिलें हैं और हरेक मंजिल पर 4BHK फ्लैट हैं। इमारत के पिछले हिस्से में आग लगी थी। इसीलिए वहीं, ज्यादा मौतें हुईं। खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल लगी हुई थीं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आईं। बिल्डिंग की तीन फ्लोर से 9 शव बरामद किए गए हैं, जिन्हें दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम को सौंप दिया है। हमने लगभग 15 लोगों को बचाया। इनमें से एक व्यक्ति का शरीर लगभग 30% जल गया था, जिसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग लगने का कारण फिलहाल साफ नहीं है।

मृतकों में शिखा जैन (45 साल), अनिता जैन (58 साल), निशांत जैन (35 साल), अंचल जैन (33 साल), नितिन जैन (50 साल), शैली जैन (48 साल), समयंक जैन (25 साल), अरविंद लाल (60 साल) शामिल हैं। हालांकि एक शव की अब तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। बता दें कि दिल्ली से सटे गाजियाबाद में 29 अप्रैल की सुबह एक 15 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई थी। आग गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के टावर-डी में 9वें फ्लोर पर लगी। देखते ही देखते आग ने 7 मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार करीब 5 किमी दूर से दिखाई दे रहा था।



































