KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद हालात और गरमा गए हैं। हिंसा और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतों के बीच चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 15 बूथों पर दोबारा मतदान (Re-polling) कराने का आदेश दिया है। इस फैसले के साथ ही स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान भी तेज हो गया है।

इन इलाकों में होगा पुनर्मतदान
दोबारा मतदान डायमंड हार्बर के 4 और मगराहाट पश्चिम के 11 बूथों पर कराया जाएगा। आयोग के मुताबिक 29 अप्रैल को मतदान के दौरान इन इलाकों में हिंसा, झड़प और ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुनर्मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की भारी तैनाती के साथ संवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।

स्ट्रॉन्ग रूम पर सियासी संग्राम
इधर स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनका यह दौरा उस घटना के बाद हुआ जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार रात करीब 4 घंटे तक वहीं मौजूद रहीं।

क्या है पूरा विवाद
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव अधिकारियों ने बिना पूर्व सूचना के स्ट्रॉन्ग रूम खोला और परिसर में संदिग्ध लोगों की मौजूदगी देखी गई। इन आरोपों के बाद से भाजपा और टीएमसी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
फिलहाल, पुनर्मतदान के फैसले और स्ट्रॉन्ग रूम विवाद ने बंगाल की सियासत को और अधिक संवेदनशील बना दिया है, जहां हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।




































