KANKER NEWS. आरी डोंगरी लौह खदान में मलबा धंसने की घटना के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे सांसद के बयान को लेकर क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। खदान प्रबंधन के लिए कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने से नाराज मजदूरों और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए खदान में उत्पादन ठप कर दिया। इतना ही नहीं, जिन अधिकारी के खिलाफ टिप्पणी की गई थी, ग्रामीणों ने उनका सार्वजनिक सम्मान कर अपना विरोध दर्ज कराया।

दो दिनों से गरमाया माहौल
भानुप्रतापपुर क्षेत्र में पिछले दो दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। खदान में कार्यरत मजदूरों और स्थानीय लोगों में सांसद के व्यवहार को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक मंच पर संयमित भाषा का उपयोग करना चाहिए।

ग्राम पर्रेकोडो में हुई बड़ी सभा
इस मुद्दे को लेकर ग्राम पर्रेकोडो में एक बड़ी सभा आयोजित की गई, जिसमें करीब 1000 से अधिक ग्रामीण, ट्रांसपोर्टर और खदान के मजदूर शामिल हुए। सभा में लोगों ने खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा कि खदान शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय आदिवासियों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

अधिकारी का सम्मान कर जताया विरोध
ग्रामीणों ने केवल आलोचना तक ही बात सीमित नहीं रखी, बल्कि जिस अधिकारी बीपी पाही के खिलाफ अपशब्द कहे गए थे, उनका सार्वजनिक रूप से सम्मान किया। इसे लोगों ने अपने तरीके से विरोध दर्ज कराने और सम्मानजनक व्यवहार की मांग के रूप में देखा।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं सांसद
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला अवसर नहीं है जब सांसद के बयान को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले भी वे सार्वजनिक मंचों पर अधिकारियों और ठेकेदारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा के उपयोग को लेकर चर्चा में रहे हैं। ताजा घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि अब क्षेत्र में लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है।



































