KOLKATA NEWS. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी और हिंसा की खबरें तेज हो गई हैं। पानीहाटी सीट से भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने बुधवार को चुनाव प्रचार के दौरान खुद पर और अपने कार्यकर्ताओं पर हमले का गंभीर आरोप लगाया है। रत्ना देबनाथ, जो कोलकाता रेप-मर्डर पीड़िता की मां हैं, ने दावा किया कि प्रचार के दौरान टीएमसी समर्थकों ने उन पर हमले की कोशिश की।

रत्ना देबनाथ के अनुसार, “प्रचार के वक्त टीएमसी के गुंडों ने मुझे निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि मुझे अधिक चोट नहीं आई, लेकिन मेरे साथ मौजूद कई कार्यकर्ता इस झड़प में घायल हुए हैं।” भाजपा का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाते हुए विरोध शुरू किया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया है।

भवानीपुर में फिर आमने-सामने होंगे ममता और सुवेंदु
इधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भवानीपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने इसी सीट से एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। भवानीपुर के अलावा दोनों दिग्गज नेता नंदीग्राम सीट पर भी आमने-सामने हैं। गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी, जिसके चलते इस बार मुकाबला और भी रोचक होने की उम्मीद है।


अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार का शोर
बंगाल के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी चुनावी हलचल तेज है:
मतदान की तैयारी: असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को सिंगल फेज में वोटिंग होनी है।
प्रचार पर विराम: चुनाव नियमों के तहत, मंगलवार शाम 5 बजे इन तीनों राज्यों में आधिकारिक चुनाव प्रचार थम चुका है और अब प्रशासन शांतिपूर्ण मतदान की तैयारियों में जुटा है।





































