WASHINGTON NEWS. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित 6 अहम द्वीप संभावित टारगेट हैं, जहां से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है। अमेरिका के विकल्पों में ईरानी जहाजों को जब्त करना या खारग समेत प्रमुख द्वीपों पर हमला/कब्जा शामिल है। पेंटागन इन पर जमीनी और हवाई ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने 6 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम भी दिया है।

ये हैं 6 महत्वपूर्ण द्वीप और इनकी रणनीतिक भूमिका
खारग द्वीप: ईरान के तट से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित यह द्वीप देश के कच्चे तेल निर्यात का लगभग 90 फीसदी संभालता है। यहां गहरे पानी के बंदरगाह बड़े तेल टैंकरों को आसानी से डॉक करने की सुविधा देते हैं। ज्यादातर तेल चीन को निर्यात होता है। अमेरिका का मानना है कि इस द्वीप पर हमला या कब्जा ईरान की अर्थव्यवस्था को तत्काल झटका दे सकता है, लेकिन कब्जा बनाए रखना अत्यधिक जोखिम भरा होगा।
लारक द्वीप: होर्मुज जलडमरूमध्य के सबसे संकरे बिंदु पर स्थित यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात और समुद्री निगरानी का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां बंकर, हमलावर नौकाएं और रडार तैनात हैं, जो जहाजों को परेशान करने और बारूदी सुरंगें बिछाने में सक्षम हैं। लारक पर कब्जा करने से ईरान की जलडमरूमध्य में बाधा डालने की क्षमता काफी हद तक सीमित हो सकती है।

अबू मूसा, ग्रेटर टुनब और लेसर टुनब: होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास स्थित ये तीन छोटे द्वीप ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच विवादित हैं। ईरान ने 1971 से इन पर कब्जा कर रखा है। ये द्वीप मिसाइलों, ड्रोनों और बारूदी सुरंगों से लैस सैन्य चौकियों के रूप में काम करते हैं। पेंटागन ने अबू मूसा पर कब्जे का सुझाव दिया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी कि अगर कोई क्षेत्रीय देश इन द्वीपों पर कब्जे में मदद करता है, तो उसके सभी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर बिना सीमा के हमले होंगे।

केशम द्वीप: फारस की खाड़ी का सबसे बड़ा द्वीप, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है। लगभग 558 वर्ग मील में फैले इस द्वीप पर भूमिगत सुरंगों में जहाज-रोधी मिसाइलें, खदानें, ड्रोने और अन्य हमलावर उपकरण रखे गए हैं। इसे कभी-कभी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्ग में एक अवरोध कहा जाता है। ईरान ने पहले यहां विलवणीकरण संयंत्र पर हमले का आरोप अमेरिका पर लगाया था।

अमेरिका बढ़ा रहा है सैनिकों की संख्या
अधिकारियों का कहना है कि ईरानी क्षेत्र पर कब्जा करना और उसे बनाए रखना अब तक की किसी भी अमेरिकी कार्रवाई से कहीं अधिक खतरनाक होगा। अमेरिका ने हाल ही में क्षेत्र में हजारों मरीन और अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं, लेकिन ट्रंप ने कहा है कि वे “जमीन पर सैनिक नहीं भेज रहे”।




































