WASHINGTON NEWS. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी और नाइजीरियाई सेनाओं ने संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में ISIS के एक बड़े कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराया है। ट्रंप के मुताबिक, अल-मिनुकी संगठन का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर था और अफ्रीका में छिपकर आतंकवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लंबे समय तक गुप्त रणनीति के तहत चलाया गया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी एजेंसियां लगातार अल-मिनुकी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं और सही समय पर कार्रवाई कर उसे ढेर कर दिया गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अल-मिनुकी दुनिया भर में ISIS के नेटवर्क और हमलों की साजिशों में अहम भूमिका निभा रहा था।

अब उसके मारे जाने से संगठन के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों के खिलाफ हमलों की योजना नहीं बना सकेगा। इस ऑपरेशन के लिए ट्रंप ने नाइजीरिया सरकार और वहां की सेना का आभार जताया। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों की सराहना करते हुए अपने संदेश का अंत “गॉड ब्लेस अमेरिका” के साथ किया।

चीन दौरे पर भी रहे ट्रंप, ईरान मुद्दे पर हुई चर्चा
इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप दो दिवसीय चीन दौरे पर भी रहे, जहां उन्होंने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping से कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब मध्य-पूर्व में ईरान को लेकर अमेरिका की तनातनी बढ़ी हुई है और वैश्विक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।

माना जा रहा है कि अमेरिका चाहता है कि चीन, ईरान के साथ अपने करीबी संबंधों का इस्तेमाल कर क्षेत्रीय तनाव कम कराने में भूमिका निभाए। चीन को ईरान का प्रमुख सहयोगी माना जाता है, ऐसे में इस मुद्दे पर उसकी भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।



































