RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रामनवमी के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेशवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी भगवान राम के नाम पर राजनीति करती है और उन्हें एक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती है। बैज ने कहा कि चुनाव के समय बीजेपी भगवान राम के नाम का सहारा लेकर जनता को प्रभावित करने की कोशिश करती है, जिससे असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाया जाता है।

बीजेपी संगठन और एक्साइज ड्यूटी कटौती पर भी साधा निशाना
दीपक बैज ने बीजेपी संगठन और सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में अब अपने नेताओं की कमी हो गई है, इसलिए कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को अहम पद दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे बीजेपी के पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

एक्साइज ड्यूटी में कटौती के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों को देखते हुए यह फैसला राजनीतिक उद्देश्य से लिया गया है। उनके मुताबिक, सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है और बीजेपी का मुख्य लक्ष्य सिर्फ सत्ता हासिल करना है, न कि जनता को वास्तविक राहत देना।

जैतू साव मठ भुगतान मामले में गलत जानकारी का आरोप
जैतू साव मठ से जुड़ी राशि के मामले को लेकर भी दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन एक जिम्मेदार मंत्री ने विधानसभा के भीतर गलत जानकारी दी। बैज के अनुसार, जिस राशि के भुगतान का दावा किया गया, वह मठ को प्राप्त ही नहीं हुई, जिससे स्पष्ट है कि शासन-प्रशासन ने सदन में गलत जवाब प्रस्तुत किया।
उन्होंने इसे न सिर्फ विधानसभा की गरिमा, बल्कि भगवान राम से जुड़े आस्था के केंद्र का भी अपमान बताया और मांग की कि गलत जानकारी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

जांच में उजागर हुई लापरवाही
बजट सत्र के दौरान यह मामला तब सामने आया, जब एक विधायक ने जैतू साव मठ को मुआवजा राशि दिए जाने को लेकर सवाल उठाया। जवाब में बताया गया कि 2 फरवरी 2023 को 30.75 लाख रुपये आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से ट्रस्ट के खाते में जमा कराए गए हैं।
हालांकि, मामले की पड़ताल में खुलासा हुआ कि संबंधित ट्रस्ट के खाते में ऐसी कोई राशि कभी जमा ही नहीं हुई। ट्रस्ट के सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनके बैंक खाते में किसी भी प्रकार की धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। बैंक स्टेटमेंट की जांच में भी 30.75 लाख रुपये की कोई एंट्री नहीं पाई गई, जिससे यह साफ हो गया कि विधानसभा में लिखित रूप से दी गई जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती।



































