BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फर्जी तरीके से गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखवाकर बाउंसरों को घुमाना एक ट्रेवल्स संचालक को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर बाउंसरों का रौब दिखाते हुए वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी ट्रेवल्स संचालक को गिरफ्तार कर गाड़ी जब्त कर ली है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र के करबला निवासी वीरेंद्र जैन (पिता प्रवीण कुमार जैन) की स्कॉर्पियो पूर्व में पुलिस लाइन में किराये पर चलती थी। उस दौरान गाड़ी के आगे-पीछे ‘पुलिस’ लिखवाया गया था। पुलिस लाइन से गाड़ी हटने के बाद भी संचालक ने ‘पुलिस’ का लोगो नहीं हटाया। हाल ही में वीरेंद्र ने यह गाड़ी किराये पर दी थी, जिसमें सवार होकर तीन-चार बाउंसर जैसे दिखने वाले युवक शहर में घूम रहे थे। इन युवकों ने खुद को पुलिस अफसर बताकर रौब झाड़ते हुए वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

पुलिस की सख्त कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पुलिस ने सक्रियता दिखाई और स्कॉर्पियो को ट्रैक कर जब्त कर लिया। ट्रेवल्स संचालक वीरेंद्र जैन के खिलाफ लोक सेवक के पद का फर्जी उपयोग और गलत तरीके से प्रभाव डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

एसएसपी की चेतावनी: पद और वर्दी का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं
एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पुलिस के नाम, टैग या वर्दी का अनधिकृत उपयोग एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पुलिस के नाम का सहारा लेकर आम जनता पर रौब गांठने या नियम तोड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ इसी तरह कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जांच के घेरे में वीडियो बनाने वाले युवक
हालांकि पुलिस ने फिलहाल ट्रेवल्स संचालक पर केस दर्ज किया है, लेकिन वीडियो बनाकर रौब दिखाने वाले युवकों पर अब तक सीधी कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इन युवकों को भी केस में आरोपी बनाया जाएगा।



































