RAIPUR NEWS. एनसीपी के पूर्व नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड की फाइल एक बार फिर खुल गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने आरोपी अमित जोगी और याचिकाकर्ता सतीश जग्गी को नोटिस जारी कर अपने वकील के साथ कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

डिवीजन बेंच ने नोटिस की तामिली की जिम्मेदारी रायपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को सौंपी है। नोटिस तामिल कराने के बाद एसपी को शपथ पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी कोर्ट में प्रस्तुत करनी होगी।

याचिकाकर्ता सतीश जग्गी के अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पुनर्विचार के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को वापस भेज दिया है। सीबीआई और राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने बताया कि राज्य सरकार ने 31 मई 2007 को निचली अदालत के बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील की अनुमति मांगी थी, जिसे 18 अगस्त 2011 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। बाद में देरी के आधार पर सीबीआई और शिकायतकर्ता की याचिकाएं भी खारिज कर दी गई थीं।

इसके बाद सतीश जग्गी और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को दिए आदेश में याचिका दाखिल करने में हुई देरी को क्षमा करते हुए मामले को गुण-दोष के आधार पर पुनर्विचार के लिए हाईकोर्ट भेज दिया। साथ ही निर्देश दिया कि सीबीआई इस कार्यवाही में वास्तविक शिकायतकर्ता और राज्य सरकार को आवश्यक पक्षकार बनाए।

2003 में हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए थे। बाद में अमित जोगी को छोड़कर अन्य 28 लोगों को दोषी करार दिया गया था, जबकि अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।
अमित जोगी के बरी होने के खिलाफ रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिस पर पहले से स्टे ऑर्डर लागू है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि
व्यवसायी पृष्ठभूमि वाले रामअवतार जग्गी, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब विद्याचरण शुक्ल कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए, तब जग्गी भी उनके साथ पार्टी में शामिल हो गए थे और उन्हें छत्तीसगढ़ में एनसीपी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था।



































