TEHRAN NEWS. खाड़ी क्षेत्र में जारी टकराव अब पारंपरिक सैन्य संघर्ष से आगे बढ़कर रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जंग में बदलता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो जवाब भी उसी स्तर पर दिया जाएगा। इससे पूरे मध्य पूर्व में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।
तनाव उस वक्त और तेज हो गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त चेतावनी देते हुए सीमित समयसीमा तय की। उन्होंने संकेत दिया कि यदि समुद्री मार्गों पर दबाव कम नहीं किया गया, तो अमेरिकी सेना ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकती है। यह समयसीमा अब खत्म होने के करीब है, जिससे हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति मानवीय संकट का रूप ले सकती है, खासकर उन देशों में जहां पानी का प्रमुख स्रोत यही प्लांट हैं।

ईरान की ओर से जारी बयान में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी पावर प्लांट पर हमले की स्थिति में क्षेत्र के उन ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जाएगा, जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों या उनसे जुड़े ढांचे को बिजली सप्लाई करते हैं। इस रुख से यह साफ है कि ईरान अब सीधे सैन्य टकराव के बजाय रणनीतिक संतुलन बनाकर जवाब देने की नीति अपना रहा है।

ऊर्जा के साथ पानी का भी संकट क्यों?
खाड़ी देशों में बिजली संयंत्र केवल ऊर्जा ही नहीं, बल्कि समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डीसैलिनेशन प्लांट्स से भी जुड़े होते हैं। ऐसे में यदि बिजली ढांचे पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ बिजली कटौती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पीने के पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।

वैश्विक असर: महंगाई और सप्लाई पर दबाव
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर पहले ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर दिखने लगा है। कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव तेज हुआ है। अगर बिजली और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले शुरू होते हैं, तो इसका सीधा असर वैश्विक सप्लाई चेन और आम उपभोक्ताओं की लागत पर पड़ेगा।

अगले कुछ घंटे क्यों निर्णायक
मौजूदा हालात में पूरा क्षेत्र एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ कूटनीतिक समाधान की उम्मीद है, तो दूसरी ओर किसी भी उकसावे से हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से तनाव कम होगा या फिर ‘पावर वॉर’ के रूप में यह संघर्ष नए और खतरनाक चरण में प्रवेश करेगा।



































