PRAYGRAJ NEWS. ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रयागराज के झूंसी थाने में उनके खिलाफ दर्ज मामले में जांच के बाद नाबालिगों से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई है। पुलिस ने बुधवार को पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराया। दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा सरकारी अस्पताल में परीक्षण किया गया और रिपोर्ट गुरुवार को बंद लिफाफे में जांच अधिकारी को सौंप दी गई है।

मामले में अब अगला अहम पड़ाव इलाहाबाद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई है। शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से मेडिकल रिपोर्ट भी कोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी।

एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ताओं में स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी सहित एक नाबालिग और दो अन्य लोग शामिल हैं। आरोप है कि गुरुकुल और माघ मेले समेत विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान उनके साथ यौन शोषण किया गया। कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज किए गए। कोर्ट के निर्देश पर उसी दिन झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

आरोपों के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंगलवार को हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की। वाराणसी स्थित विद्यामठ में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि कुछ वकीलों ने उनकी सहायता की पेशकश की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज के एक पुलिस अधिकारी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने एक तस्वीर दिखाते हुए यह भी कहा कि 18 जनवरी, मौनी अमावस्या के दिन से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई जा रही थी।

फिलहाल पूरे मामले पर अदालत की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर टिकी है।



































