RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” हमारे पुरखों के कठोर परिश्रम ने बनाया है और उनकी सरकार राज्य को विकास की नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा विनाश की राजनीति की है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार रही, वहां भ्रष्टाचार हावी रहा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस सरकार ने “दीमक की तरह” काम किया और संगठित सिंडीकेट के माध्यम से लूट का खेल खेला। जमीन से लेकर खनिज संसाधनों तक हर क्षेत्र में अनियमितताएं हुईं। शराब, कोयला और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे मामलों में भी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।

साय ने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में राज्य का राजस्व लगभग 5 हजार करोड़ रुपये था, जिसे उनकी सरकार ने दो वर्षों में बढ़ाकर 11 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। खनिज क्षेत्र में भी दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार का “कचरा साफ” किया है और बड़े-बड़े मगरमच्छों को जेल भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने “राजीव युवा मितान क्लब योजना” पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस योजना में केवल टी-शर्ट और टोपी पर खर्च किया गया, जबकि युवाओं के भविष्य के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीसीसी स्तर पर भ्रष्टाचार कर एक पूरी पीढ़ी को नुकसान पहुंचाया गया।
बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्र में अब हालात बदल रहे हैं। सरकार नक्सलवाद के खात्मे के साथ विकास कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हिड़मा की मां आज राज्य सरकार द्वारा खोले गए अस्पताल में इलाज करा रही हैं, जो बदले हुए हालात का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा जारी है।


































