AMBIKAPUR NEWS. शहर में पीलिया का प्रकोप चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। अब तक कक्षा आठवीं के एक छात्र सहित दो लोगों की पीलिया से मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। बढ़ते मामलों ने नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्र समेत दो की मौत
जानकारी के अनुसार, नमनाकला खटीकपारा निवासी 13 वर्षीय दिव्यांश राय, जो शहर के कार्मेल स्कूल में कक्षा आठवीं का छात्र था, 19 फरवरी को बीमार पड़ा। जांच में उसे पीलिया की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर उसे मिशन अस्पताल से प्रकाश अस्पताल और फिर जीवन ज्योति अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा नवापारा झंझटपारा निवासी 40 वर्षीय सोनालाल की भी 22 फरवरी को पीलिया से मौत हो गई।
दूषित पेयजल बना कारण?
शहर में लगातार मिल रहे पीलिया के मामलों को लेकर आशंका जताई जा रही है कि नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पेयजल दूषित है। हालांकि निगम प्रशासन का कहना है कि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि लंबे समय से दूषित पानी की आपूर्ति होने के कारण अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी है।

इस बीच महापौर मंजूषा भगत के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि पीलिया फैलने के पीछे “साजिश की बू” आ रही है।
टीएस सिंहदेव ने साधा निशाना
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इस पूरे मामले को स्थानीय प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए छात्र की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि कई हफ्तों से इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान दिलाया जा रहा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई।

निगम कार्यालय के घेराव का ऐलान
जिला कांग्रेस कमेटी ने इस मुद्दे को लेकर नए नगर निगम भवन का घेराव करने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ता दोपहर 12:30 बजे कोठीघर में एकत्र होकर रैली के रूप में गौरव पथ स्थित नए निगम कार्यालय तक मार्च करेंगे।
पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए
नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने बताया कि पेयजल के सैंपल लेकर जांच के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सूरजपुर और रायपुर स्थित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लैब में भेजे गए हैं। रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में दूषित पानी की आशंका है, वहां मरम्मत कार्य जारी है और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पी.एस. मार्को ने बताया कि प्रभावित इलाके में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी और कैंप लगाकर जांच व उपचार की व्यवस्था की जाएगी।



































