RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के कई जिले में शुक्रवार को उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब देशी-विदेशी शराब दुकान पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। मामला राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन शराब दुकान खोले जाने से जुड़ा है, जिसको लेकर कांग्रेसियों में भारी नाराज़गी देखने को मिली।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर सरकार द्वारा शराब दुकान बंद ना रखे जाने को लेकर कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इधर दुर्ग आबकारी विभाग पहुंचकर कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों के अनुसार आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि महात्मा गांधी जिन्हें पूरा विश्व मानता है, 90 देशों में जिनकी प्रतिमा लगी हुई है, जिन्हें अहिंसा का पुजारी कहा जाता है, उनकी पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को खुले रहना अपने आप में भाजपा के कथनी और करनी को दर्शाता है।

धमतरी में कांग्रेस ने किया हंगामा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन शराब दुकान खोलना न सिर्फ अनुचित है बल्कि उनकी विचारधारा के खिलाफ भी है। प्रदर्शन कर रहे नेताओं का कहना है कि धमतरी जिले में पहली बार ऐसा हुआ है। जब इस दिन भी शराब की बिक्री जारी रखी गई इसी के विरोध में कांग्रेसियों ने दुकान परिसर में जमकर नारेबाजी की और शासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
इधर धमतरी में भी मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की समझाइश पर मामला शांत हुआ। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर निर्णय नहीं लिया गया तो आगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मनेंद्रगढ़ में भी शराब दुकान खुलने का विरोध
इधर मनेंद्रगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानें खुली रहने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने नेशनल हाइवे में अंग्रेजी शराब दुकान के सामने एकत्र होकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नियमों में तत्काल बदलाव की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बापू के सिद्धांतों और आदर्शों के विपरीत ऐसे पावन दिन पर शराब दुकान का खुला रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे गांधी जी के विचारों और जनभावनाओं का अपमान बताया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संवेदनशील मुद्दों पर असंवेदनशील रवैया अपना रही है।कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शराब दुकानों को बंद रखने का स्पष्ट प्रावधान किया जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा नियमों में बदलाव नहीं किया गया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। आगामी दिनों में ज्ञापन सौंपने से लेकर व्यापक जनआंदोलन तक की रणनीति अपनाई जाएगी।



































