RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने OPRMC (ऑपरेशन एंड परफॉर्मेंस रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) पॉलिसी तैयार कर ली है। इस पॉलिसी के तहत प्रदेश की वे सड़के, जो परफॉर्मेंस गारंटी स्कीम के अंतर्गत नहीं बनी हैं और गड्ढायुक्त हैं, उन्हें चिन्हित कर मरम्मत के लिए चयनित एजेंसियों को सौंपा जाएगा।

सरकार ने इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का अलग से फंड तैयार किया है। पूरी प्रक्रिया ऑटो मोड पर संचालित होगी। वहीं, परफॉर्मेंस गारंटी स्कीम के तहत बनी सड़कों का रखरखाव पहले से ही पांच साल तक संबंधित ठेकेदारों के जिम्मे रहता है। इस तरह प्रदेश की सभी सड़के गड्ढामुक्त योजना के दायरे में आ जाएंगी।

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सरकार के दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि पिछली सरकार ने अपने शुरुआती दो वर्षों में करीब 4 हजार करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी, जबकि वर्तमान सरकार ने अब तक 7529 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए हैं। कुल मिलाकर 8092 करोड़ रुपये के 1126 कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें से 1012 से अधिक टेंडर हो चुके हैं।
मंत्री साव ने बताया कि प्रदेश में इस समय 3641 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 164 पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 143 पुलों का निर्माण कार्य जारी है। भवन निर्माण की बात करें तो बीते दो वर्षों में 252 भवन पूरे हो चुके हैं और 265 भवनों का निर्माण चल रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने नए जिले तो बनाए, लेकिन वहां आवश्यक अधोसंरचना नहीं थी। अब साय सरकार नए जिलों में सर्किट हाउस, जिला मुख्यालय ट्रांजिट हॉस्टल जैसे जरूरी भवनों का निर्माण करा रही है। इसके साथ ही रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम की तर्ज पर हर संभाग मुख्यालय में ऑडिटोरियम बनाने का काम भी जारी है।

लोक निर्माण मंत्री ने दावा किया कि 15 जनवरी तक प्रदेश की सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सरकार का पूरा फोकस नई सड़कों के निर्माण पर होगा। बस्तर सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में अनेक नई सड़कों को स्वीकृति दी जा चुकी है।




































