JALAUN NEWS. उत्तर प्रदेश के जालौन से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां महज मोबाइल पर रील देखने को लेकर भाई-बहन के बीच हुए विवाद ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। आरोप है कि बड़ी बहन से मोबाइल फोन छिन जाने के बाद नाराज 8 साल का बच्चा कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसके साथ ऐसी अनहोनी हुई, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। मामला जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र के डूंगरपुरवा गांव का है। मृतक बच्चे की पहचान 8 वर्षीय रितिक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय बच्चे के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे।
मोबाइल को लेकर बहन से हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, रितिक घर पर अपनी बड़ी बहन के साथ मोबाइल फोन पर रील देख रहा था। इसी दौरान उसकी बहन ने उससे मोबाइल ले लिया। इस बात से बच्चा नाराज हो गया और दोनों के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि नाराज होकर रितिक दूसरे कमरे में चला गया। कुछ देर बाद परिजनों को उसके साथ हुई अनहोनी की जानकारी मिली। घटना की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बच्चे की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की हंसी-खुशी सुनाई दे रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम
घटना की सूचना मिलते ही कुठौंद थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी (CO) जालौन अजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और जरूरी साक्ष्य जुटाए।
सीओ अजय कुमार सिंह के मुताबिक, 3 नवंबर को डूंगरपुरवा गांव में एक बच्चे की आत्महत्या की सूचना मिली थी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर 8 साल के रितिक और उसकी बड़ी बहन के बीच विवाद हुआ था। उस समय माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे।पुलिस के अनुसार, परिजनों ने भी मोबाइल को लेकर भाई-बहन के बीच झगड़े की बात बताई है। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है।
बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर CO ने दी नसीहत
इस घटना के बाद सीओ अजय कुमार सिंह ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल इस्तेमाल को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इस घटना से यह सवाल खड़ा होता है कि छोटे बच्चों पर मोबाइल के इस्तेमाल का किस तरह असर पड़ रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मोबाइल देने के साथ यह भी ध्यान रखें कि वे उसका कितना और किस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
बच्चों को डांटने के बजाय प्यार से समझाना जरूरी
जालौन की इस घटना ने माता-पिता के सामने बच्चों की डिजिटल आदतों और मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों से मोबाइल अचानक छीनने या इस बात पर उन्हें डांटने के बजाय प्यार से समझाना चाहिए।
अगर बच्चा किसी बात को लेकर बहुत ज्यादा नाराज, परेशान या अकेला दिखाई दे रहा है, तो उसकी बात ध्यान से सुनना जरूरी है। बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करना और उन्हें भरोसा दिलाना भी बेहद अहम है।
डूंगरपुरवा में 8 साल के रितिक की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। यह घटना हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों को मोबाइल इस्तेमाल करना सिखाने के साथ-साथ उनके मन की बात समझना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना भी कितना जरूरी है।



































