BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक रैपिडो ड्राइवर पर बीमा कंपनी की महिला कर्मचारी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी ग्राहक बनकर युवती से मिला और बीमा पॉलिसी समझने के बहाने उसे लॉज ले गया। वहां कमरे का दरवाजा बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती के विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकी दी और मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं, लॉज संचालक द्वारा आरोपी का पहचान पत्र नहीं लेने के मामले में भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, कोरबा निवासी 25 वर्षीय युवती बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित एक निजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में काम करती है। उसका काम लोगों से संपर्क कर उन्हें बीमा पॉलिसी के बारे में जानकारी देना और ग्राहक बनाना है। बताया गया कि 27 अक्टूबर को युवती ने रायपुर जाने के लिए रैपिडो बाइक बुक की थी। इसके बाद दयालबंद निवासी अभिषेक सलूजा बाइक लेकर पहुंचा और युवती को रेलवे स्टेशन छोड़ा। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई और उन्होंने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर ले लिया। बातचीत में युवती ने उसे बताया कि वह बीमा कंपनी में काम करती है और लोगों को पॉलिसी के प्लान समझाती है।
बीमा प्लान समझने के बहाने लॉज ले गया आरोपी
युवती ने पुलिस को बताया कि 28 अक्टूबर को रैपिडो ड्राइवर अभिषेक ने उसे फोन कर बुलाया। युवती उसके पास पहुंची और बीमा पॉलिसी के बारे में जानकारी दी। इस दौरान युवक ने दिवाली से पहले पॉलिसी लेने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद युवक ने शोरगुल का हवाला देते हुए कहा कि किसी शांत जगह पर बैठकर प्लान समझना चाहता है। युवती उसकी बातों में आ गई और उसके साथ चली गई।
इसके बाद आरोपी उसे स्टेशन रोड स्थित एक लॉज में ले गया। वहां बातचीत के दौरान उसने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और युवती के साथ दुष्कर्म किया। युवती ने जब विरोध किया, तो आरोपी ने उसे धमकी दी और वहां से फरार हो गया।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी रैपिडो ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी, लेकिन पता चला कि उसके परिजनों ने उसे घर से निकाल दिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसकी तलाश कर रही है। आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
लॉज संचालक पर भी होगी कार्रवाई
इस मामले में लॉज संचालक की भूमिका भी पुलिस की जांच के दायरे में है। टीआई सनिप रात्रे के मुताबिक, युवती ने शिकायत में बताया है कि लॉज संचालक ने उससे पहचान पत्र जमा कराया था, लेकिन आरोपी युवक से कोई पहचान पत्र नहीं लिया गया। उसे सीधे कमरा नंबर 124 की चाबी दे दी गई। पुलिस पूछताछ में लॉज संचालक ने बताया कि आरोपी स्थानीय निवासी था, इसलिए उससे पहचान पत्र नहीं लिया गया। पुलिस अब लॉज संचालक को नोटिस जारी कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।




































