BANGKOK NEWS. थाईलैंड में एक नाबालिग छात्र ने ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया, जिसने पूरे देश को दहला दिया। 9वीं कक्षा के छात्र ने पहले अपने घर में दादा-दादी की गोली मारकर हत्या की और इसके बाद स्कूल पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में कुल आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। वारदात के बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

दादा की लाइसेंसी पिस्टल से शुरू हुआ खूनी खेल
पुलिस के मुताबिक घटना राजधानी बैंकॉक के पास स्थित डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल में हुई। आरोपी ने कथित तौर पर घर में अपने पूर्व शिक्षक दादा की 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया। पहले उसने अपने दादा-दादी को निशाना बनाया और फिर स्कूल पहुंचकर फायरिंग शुरू कर दी।
स्कूल परिसर में अचानक गोलियों की आवाज गूंजने से अफरा-तफरी मच गई। हमले में तीन शिक्षकों और तीन छात्रों की मौके पर मौत हो गई। कई लोग घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

गोलियों की आवाज सुनते ही कक्षाओं में छिपे बच्चे
फायरिंग शुरू होते ही स्कूल में भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए छात्र और शिक्षक कक्षाओं के भीतर छिप गए। कई बच्चों ने दरवाजे बंद कर खुद को कमरों में सुरक्षित किया। पुलिस के पहुंचने के बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पढ़ाई में अच्छा था छात्र, वीडियो गेम का था शौकीन
जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र पढ़ाई में अच्छा था और उसके व्यवहार में पहले कोई खास आक्रामकता नहीं देखी गई थी। उप-गृह मंत्री पोलापी सुवानचावी के अनुसार, छात्र को वीडियो गेम खेलने का काफी शौक था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल वीडियो गेम और इस हमले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर नाबालिग छात्र ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा और हथियारों की उपलब्धता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।






































