BHILAI NEWS. भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, इतिहास और पत्रकारिता के विविध आयामों पर मंथन के लिए भिलाई में साहित्य और संस्कृति जगत की प्रमुख हस्तियां जुटेंगी। लोकजागरण की संस्था वसुंधरा एवं श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार, 14 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे सिविक सेंटर स्थित महात्मा गांधी कला मंदिर में वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : संदर्भ संस्कृति, इतिहास एवं पत्रकारिता’ रखा गया है।

संगोष्ठी को देश के ख्यातिलब्ध विचारक, लेखक एवं संपादक व्योमेश शुक्ल और छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा संबोधित करेंगे। कार्यक्रम का संचालन कवि एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विश्वेश ठाकरे करेंगे।

व्योमेश शुक्ल कविता, आलोचना, रंगकर्म और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में जाना-पहचाना नाम हैं। रंग निर्देशन के लिए उन्हें संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्ला खां युवा पुरस्कार-2017 से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने उन्हें देश के दस श्रेष्ठ युवा लेखकों में शामिल किया था, जबकि इंडिया टुडे ने उन्हें देश के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में सक्रिय 35 प्रमुख शख्सियतों में स्थान दिया था। वे वर्तमान में काशी की 130 वर्ष पुरानी संस्था नागरीप्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री के रूप में हिंदी के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वे बनारस की रंग संस्था ‘रुपवाणी’ का लंबे समय से संचालन कर रहे हैं।

वहीं शशांक शर्मा छत्तीसगढ़ की कला, साहित्य, संस्कृति, इतिहास और पत्रकारिता परंपरा के गहरे अध्येता माने जाते हैं। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से रासायनिक अभियांत्रिकी एवं व्यावसायिक प्रबंधन में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने वाले शर्मा विभिन्न समाचार पत्रों में संपादक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक भी रहे हैं। उनके विमर्श का दायरा पुरातन से अद्यतन और अद्यतन से पुरातन तक फैला हुआ है। समसामयिक सामाजिक एवं वैचारिक विषयों की तार्किक व्याख्या के लिए वे विशेष रूप से जाने जाते हैं।

राजेश गनोदवाले को मिलेगा 26वां वसुंधरा सम्मान
कार्यक्रम के दौरान लोकजागरण की ओर से स्वर्गीय देवीप्रसाद चौबे की स्मृति में स्थापित 26वें वसुंधरा सम्मान से राजेश गनोदवाले को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान समारोह के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और उसके समकालीन संदर्भों पर होने वाला वैचारिक विमर्श कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।






































