NEW DELHI NEWS. संसद मार्च के दौरान छात्र को पैलेट गन से घायल किए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुए इस धरने में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उनके साथ मौजूद रहे। राहुल गांधी ने साफ कहा कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, वह धरने से नहीं हटेंगे।

राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी, अधीर रंजन चौधरी, सलमान खुर्शीद और जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई नेता धरने पर बैठे हैं। मामला 20 जुलाई को हुए संसद मार्च प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें छात्र साहिल लोहबच के पैलेट गन से घायल होने का दावा किया गया है।

छर्रे दिखाकर पुलिस पर उठाए सवाल
धरने के दौरान राहुल गांधी ने साहिल के शरीर से निकले पैलेट गन के छर्रे दिखाते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि छात्र के शरीर में करीब 200 छर्रे लगे हैं। इनमें से तीन छर्रे आंख में और कुछ दिल के पास बताए गए हैं, जिन्हें निकालना जोखिम भरा बताया जा रहा है।
राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस ने पैलेट गन नहीं चलाई तो फिर इसे किसने चलाया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को ऊपर से एफआईआर दर्ज नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

14 अगस्त को दी थी शिकायत
राहुल गांधी के मुताबिक, पीड़ित की ओर से 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन शिकायत की प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से भी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस ने बताई अपनी स्थिति
वहीं, दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़ित की शिकायत प्राप्त हुई है। पुलिस का कहना है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच पहले से ही क्राइम ब्रांच कर रही है। शिकायतकर्ता को सूचित किया गया है कि नई शिकायत भी आगे की कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच को भेजी जाएगी।
एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने पर बैठने से मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस इस शिकायत पर आगे क्या कदम उठाती है।






































