BHILAI NEWS. भिलाई नगर निगम चुनाव से पहले वार्ड आरक्षण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कल्याण आयोग के सर्वे में निगम क्षेत्र में OBC आबादी 32 प्रतिशत सामने आने के बाद आरक्षित वार्डों की संख्या 18 से बढ़कर 23 किए जाने की संभावना है। वहीं, महापौर पद पहले ही OBC के लिए आरक्षित किया जा चुका है। आरक्षण की प्रस्तावित प्रक्रिया को लेकर 25 से अधिक पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया है।

70 वार्डों में बदल सकता है आरक्षण का गणित
भिलाई नगर निगम में कुल 70 वार्ड हैं। प्रस्तावित आरक्षण व्यवस्था के अनुसार OBC के लिए 23 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं। इनमें 5 सीटों की बढ़ोतरी होगी। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 9 और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 3 सीटें प्रस्तावित हैं। अनारक्षित वर्ग में 35 सीटें होंगी, जिनमें 24 सामान्य और 11 महिला सीटें शामिल रहेंगी।

नई व्यवस्था लागू होने पर कई वार्डों की श्रेणी बदल सकती है। जुनवानी वार्ड-1 के सामान्य से SC होने, नेहरू नगर वार्ड-4 से SC आरक्षण हटने, कोसा नगर वार्ड-5 के सामान्य से SC होने और राजीव नगर वार्ड-9 को SC महिला के लिए आरक्षित किए जाने की चर्चा है। प्रियदर्शिनी परिसर से जुड़े वार्डों में भी आरक्षण की श्रेणी बदलने की संभावना जताई जा रही है।
नए परिसीमन के बिना बदलाव पर उठे सवाल
आरक्षण के प्रस्तावित फॉर्मूले को लेकर पार्षदों का एक वर्ग विरोध में उतर आया है। 25 से अधिक पार्षदों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि देश में 2011 के बाद नई जनगणना नहीं हुई है और भिलाई नगर निगम में नया वार्ड परिसीमन भी नहीं किया गया है। ऐसे में SC और ST वार्डों की श्रेणी में बदलाव किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकार अली हुसैन सिद्दीकी ने भी आरक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि पुराने जनगणना आंकड़ों के आधार पर वार्डों की श्रेणी में बदलाव करना उचित नहीं है।

टिकट दावेदारों की बढ़ी चिंता
आरक्षण के नए समीकरण से मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों की रणनीति प्रभावित हो सकती है। कई वार्डों की श्रेणी बदलने की संभावना के चलते राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों का चयन नए सिरे से करना पड़ेगा।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला स्थानीय निकाय चुनाव होगा, इसलिए राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महापौर पद OBC के लिए आरक्षित होने के बाद अब वार्ड आरक्षण में भी OBC सीटों की संख्या बढ़ने से चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से आरक्षण प्रक्रिया की तैयारी पूरी की जा रही है। माना जा रहा है कि 15 सितंबर से पहले चुनाव और आरक्षण की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।





































