LALITPUR NEWS. उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम रसोई में सांस लेने में परेशानी से जूझ रही एक महिला को 108 एंबुलेंस के कथित तौर पर समय पर नहीं पहुंचने के बाद परिजनों ने लोडिंग टैक्सी से अस्पताल पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 12 बजे रसोई गांव निवासी उर्मिला के सीने में तेज दर्द उठा। इसके साथ ही उन्हें सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। महिला की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया।

एक घंटे से ज्यादा इंतजार, एंबुलेंस फिर भी नहीं पहुंची
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस के लिए एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार किया गया, लेकिन वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस चालक ने फोन पर वाहन पंचर होने की बात कही थी। महिला की हालत को देखते हुए परिवार के पास इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। आखिरकार उन्होंने गांव से एक लोडिंग टैक्सी करीब 1000 रुपये में किराए पर ली।

गद्दा बिछाकर महिला को ले गए मेडिकल कॉलेज
लोडिंग टैक्सी के अंदर गद्दा बिछाया गया और महिला उर्मिला को उस पर लिटाकर अस्पताल के लिए रवाना किया गया। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 2 बजे महिला को ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। मरीज को लोडिंग टैक्सी में अस्पताल ले जाने का वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

परिजन बोले- मजबूरी में उठाना पड़ा कदम
मरीज के परिजन राधे लाल ने बताया कि उन्होंने महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी थी। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद मजबूरी में निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी। फिलहाल इस मामले ने आपात स्थिति में एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और समय पर मरीजों तक पहुंचने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस के देरी से पहुंचने की वजह क्या थी, इसकी स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





































