
DURG NEWS .अगर आपको लगे कि सीलबंद लिफाफे में रखा प्रश्नपत्र किसी भी हालत में लीक नहीं हो सकता, तो दुर्ग का यह मामला आपको चौंका देगा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर बिना सील तोड़े परीक्षा का पेपर लीक करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मेडिकल जांच में इस्तेमाल होने वाले एंडोस्कोपिक कैमरे और बेहद बारीक सुराख की मदद से प्रश्नपत्र रिकॉर्ड किया और उसे आगे बेच दिया।

एंडोस्कोपिक कैमरे से किया हाईटेक जुगाड़
मामला बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र का है। आरोप है कि असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया सीलबंद लिफाफे को घर ले गया और उसके निचले हिस्से में सुई से बेहद छोटा छेद किया। इसके बाद उस छेद के जरिए एंडोस्कोपिक कैमरे की पतली केबल लिफाफे के अंदर डाली गई। कैमरे की एलईडी लाइट से अंदर रखा प्रश्नपत्र दिखाई देने लगा और आरोपी ने करीब 15 सवाल हाथ से लिख लिए।

क्या होता है एंडोस्कोपिक कैमरा?
एंडोस्कोपिक कैमरा एक बेहद पतली और लचीली केबल जैसी डिवाइस होती है, जिसके सिरे पर छोटा एचडी कैमरा और एलईडी लाइट लगी रहती है। इसका उपयोग आमतौर पर मेडिकल क्षेत्र में शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच के लिए किया जाता है। इसकी पतली तार छोटे से छोटे छेद के अंदर भी आसानी से पहुंच सकती है, जिससे लाइव वीडियो देखा जा सकता है।
11 हजार में बेचा पेपर, WhatsApp पर हुआ वायरल
जांच में सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र एक छात्र को 11 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद पेपर WhatsApp के जरिए वायरल हो गया। 20 अगस्त को सुबह होने वाली एजीसीएच-221 परीक्षा से करीब दो घंटे पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल पर पेपर लीक होने की सूचना पहुंची, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
28 कॉलेजों की परीक्षा रद्द, 6 आरोपी गिरफ्तार
मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी ने 28 कॉलेजों की परीक्षा रद्द कर दी। पुलिस और साइबर टीम ने आरोपी प्रोफेसर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एंडोस्कोपिक डिवाइस, केबल, कनेक्टर्स और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
अब बदलेगी पेपर भेजने की व्यवस्था
इस हाईटेक पेपर लीक के बाद यूनिवर्सिटी ने भविष्य में प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया बदलने का फैसला किया है। अब ओटीपी आधारित डिजिटल एन्क्रिप्टेड डिलीवरी सिस्टम के जरिए परीक्षा प्रश्नपत्र भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।







































