DURG NEWS. छत्तीसगढ़ में न्यायिक व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में दुर्ग जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में मीडिएशन 3.0, न्याय श्रुति एवं ICJS विषय पर जिला स्तरीय संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों और न्यायिक कर्मचारियों को नई डिजिटल न्याय प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।

यह कार्यशाला 2 अगस्त को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला Strengthening Digital Justice Through New Criminal Laws में द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत कंप्यूटराइजेशन समिति के अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दीपक कोसले के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने न्यायिक प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल तकनीकों के उपयोग और नई कार्य-संस्कृति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला में व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कामिनी जायसवाल ने “मीडिएशन 3.0” पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए मध्यस्थता की उपयोगिता, वैकल्पिक विवाद समाधान की भूमिका और भविष्य की संभावनाओं को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

इसके बाद व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रवि महोबिया ने “न्याय श्रुति” और ICJS (Interoperable Criminal Justice System) का लाइव प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि नई डिजिटल प्रणाली इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड और न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने कहा कि बदलते समय में न्यायिक व्यवस्था में तकनीक का प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मीडिएशन 3.0 को केवल वैकल्पिक विवाद समाधान नहीं, बल्कि संवेदनशील, सौहार्दपूर्ण और जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला में न्यायिक अधिकारियों, लोक अभियोजकों, शासकीय अधिवक्ताओं, जिला एवं सहायक जिला लोक अभियोजकों सहित आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी प्रियंका गोस्वामी ने किया।
जिला न्यायालय, दुर्ग की यह पहल डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के क्षमता विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






































