CHHINDWARA NEWS. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के भूराभगत क्षेत्र स्थित बिचबहरी गांव से शिक्षा व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्कूल के प्रभारी प्राचार्य और एक महिला अतिथि शिक्षक पर स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि ग्रामीण और आदिवासी छात्र करीब 100 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में शिकायत करने पहुंचे।

बच्चों का आरोप- 3 बजे ही भेज देते थे घर
छात्रों ने प्रशासन को दी शिकायत में आरोप लगाया कि स्कूल का निर्धारित समय शाम 4:30 बजे तक है, लेकिन उन्हें दोपहर करीब 3 बजे ही स्कूल से घर भेज दिया जाता था। बच्चों का आरोप है कि उनके जाने के बाद प्रभारी प्राचार्य और महिला अतिथि शिक्षक स्कूल के एक ही कमरे में शाम करीब 7 बजे तक रहते थे। इस दौरान कमरे में किसी अन्य छात्र या व्यक्ति को जाने की अनुमति नहीं होती थी।

इसी को लेकर ग्रामीणों और बच्चों ने दोनों शिक्षकों के आचरण पर सवाल उठाते हुए रंगरेलियां मनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आरोप फिलहाल छात्रों और ग्रामीणों की शिकायत पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी अधिकारियों से की गई थी शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित शिक्षा अधिकारियों और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से उनकी परेशानी बढ़ती गई। इसके बाद 16 अगस्त को हुई ग्रामसभा में दोनों शिक्षकों को हटाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।

अब होगी जांच, दोषी मिले तो कार्रवाई
बच्चों और ग्रामीणों की शिकायत के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंचा है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






































