RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई पहचान देने और प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पहली बार छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव और खेल संचालक ने लीग का शुभारंभ किया। लीग को IPL की तर्ज पर तैयार किया गया है।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर देने की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय की तैयारी के बाद छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का स्वरूप तैयार किया गया है।
लीग का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और हॉकी खिलाड़ियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपने खेल कौशल का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें।

21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक मुकाबले
अरुण साव ने बताया कि हॉकी इंडिया के साथ हुई चर्चा के आधार पर लीग के मुकाबले 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित कराने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसी राज्य में सरकार के माध्यम से इस तरह की हॉकी लीग आयोजित की जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने और आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
छह टीमें लेंगी हिस्सा
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में कुल छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें शामिल हैं—
– राजधानी रॉयल्स
– चित्रकूट चैलेंजर्स
– संस्कारधानी स्ट्राइकर
– चक्रधर चैंपियंस
– न्यायधानी नाइट्स
– मैनपाट टाइटंस
प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। टीमों में राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ प्रदेश और जूनियर स्तर के खिलाड़ियों को भी मौका दिया जाएगा। इससे युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा।

नॉकआउट फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के मुकाबले नॉकआउट फॉर्मेट में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के दौरान चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली दोनों टीमें फाइनल में पहुंचेंगी, जहां लीग के चैंपियन का फैसला होगा।

लोगो और रंगों में भी दिखेगा जोश
लीग के लोगो और रंगों को भी विशेष संदेश के साथ तैयार किया गया है। इसमें भगवा रंग को साहस, शक्ति और निडरता का प्रतीक बताया गया है। आयोजन का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को ऐसा मंच देना है, जहां से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।





































