RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में EOW ने दो ऐसे ट्रक जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल जांच एजेंसी के मुताबिक कोरोना लॉकडाउन के दौरान अवैध शराब की सप्लाई में किया गया था। खास बात यह है कि अब यही दोनों ट्रक एचपी गैस सिलेंडरों के परिवहन में लगाए गए थे। ट्रकों पर ‘ऑन गवर्नमेंट ड्यूटी’ लिखा हुआ था। इस कार्रवाई के बाद शराब घोटाले में जब्त वाहनों की संख्या 26 हो गई है। EOW के अनुसार, मामले में अब तक 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

EOW की जांच के मुताबिक, मार्च-अप्रैल 2020 के कोरोना लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में शराब की दुकानें बंद थीं। इसी दौरान आबकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से एनवी डिस्टिलरीज से अवैध तरीके से शराब निकाली गई। जांच एजेंसी के अनुसार, सीजी04 एमएफ-1274 और सीजी04 एमसी-2618 नंबर के ट्रकों से शराब रायपुर और दुर्ग के होटल-बार तक पहुंचाई गई। शराब दुकानें बंद होने के कारण इसकी बिक्री कई गुना ज्यादा कीमत पर की गई। बिक्री से मिली रकम शराब सिंडिकेट तक पहुंचाए जाने का आरोप है।

जांच में दोनों वाहनों के इस्तेमाल से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद EOW ने श्री साईं ट्रांसपोर्ट के मालिक दिनेश अग्रवाल के दोनों ट्रक जब्त किए हैं। एजेंसी के मुताबिक, दिनेश अग्रवाल के खिलाफ भी जांच जारी है। EOW अब यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकडाउन के दौरान इन ट्रकों से अवैध शराब की सप्लाई में किन लोगों की भूमिका थी और बिक्री से हासिल रकम शराब सिंडिकेट तक कैसे पहुंचाई गई।

शराब घोटाले की जांच में EOW की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। दो नए ट्रकों की जब्ती के साथ अब तक 26 वाहन कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं। वहीं, जांच एजेंसी के मुताबिक 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।






































