WASHINGTON NEWS. नाटो समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका भविष्य में तेहरान के साथ किसी भी नए समझौते या डील की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

ट्रम्प ने अपने संबोधन में हालिया सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान में खतरनाक लोगों को निशाना बनाकर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, “ईरान जब भी हमला करेगा, अमेरिका उसका उसी ताकत से जवाब देगा। हमारा उद्देश्य उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त करना है।”

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस दौरान नाटो सहयोगी देशों पर भी नाराजगी जाहिर की। उनका आरोप था कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर कई सहयोगी देशों ने अमेरिका का अपेक्षित समर्थन नहीं किया।

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

इन घटनाओं के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्षेत्रीय हालात किस दिशा में बढ़ेंगे।






































