MASCOW NEWS. रूस ने यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजधानी कीव समेत कई इलाकों में हाई-प्रिसिजन मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए। मंत्रालय का कहना है कि इस अभियान में सैन्य ठिकानों, ड्रोन निर्माण केंद्रों, एयरफील्ड नेटवर्क और ईंधन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया। वहीं, यूक्रेन से सामने आई शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि 38 अन्य घायल हुए हैं।

राहत एजेंसियों का कहना है कि कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है, इसलिए बचाव अभियान जारी है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि ओडेशा स्थित एक ड्रोन निर्माण परिसर को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। रूस का आरोप है कि इसी केंद्र में तैयार किए गए ड्रोन का इस्तेमाल उसकी तेल रिफाइनरियों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों के लिए किया जा रहा था। मंत्रालय ने इस कार्रवाई का एक ड्रोन वीडियो भी जारी किया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि रूसी हमलों के दौरान यूक्रेन में लगे कई स्टारलिंक टर्मिनलों को भी निशाना बनाया गया। रूस का कहना है कि इन टर्मिनलों के जरिए यूक्रेनी ड्रोन को सैटेलाइट और इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलती है, जिससे वे रूसी क्षेत्र में हमले करने में सक्षम होते हैं। हालांकि, इस दावे की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में यूक्रेन की राजधानी कीव में 28 अलग-अलग स्थानों पर धमाके हुए।

इस हमले से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रहे हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। हमलों की गंभीरता को देखते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपनी आयरलैंड यात्रा बीच में ही समाप्त कर दी और तत्काल कीव लौट आए। माना जा रहा है कि वे सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए वापस पहुंचे हैं।

रूस ने बताया जवाबी कार्रवाई
रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह अभियान रूस के नागरिक बुनियादी ढांचे पर यूक्रेन की ओर से किए गए कथित हमलों के जवाब में चलाया गया। मंत्रालय के अनुसार, इस ऑपरेशन में हाई-प्रिसिजन मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए सैन्य उद्योग, एयरफील्ड नेटवर्क और ईंधन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। बता दें कि इस खबर में रूस और यूक्रेन, दोनों पक्षों के दावों का उल्लेख किया गया है। इनमें से कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।






































