RAIPUR NEWS. अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के सदस्यता अभियान से जुड़े कथित लीक दस्तावेजों को लेकर संगठन के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है। सामने आए आंकड़ों के अनुसार, कई प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और नेताओं ने सदस्यता अभियान में राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा से अधिक सदस्य बनाए हैं। इन दावों के बाद संगठन में प्रदर्शन और जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दस्तावेजों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नाम अब तक 1,864 सदस्य दर्ज बताए गए हैं। वहीं कई प्रदेश नेताओं का दावा है कि उन्होंने इससे अधिक सदस्य बनाए हैं। इसे लेकर संगठन के भीतर यह चर्चा तेज हो गई है कि शीर्ष नेतृत्व और जमीनी प्रदर्शन के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है।


छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा में है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पूर्व विधायक छन्नी साहू ने 3,718 सदस्य बनाकर प्रदेश में सबसे अधिक सदस्यता दर्ज की है। वहीं राशि त्रिभुवन महिलांग के खाते में 2,305 सदस्य बताए गए हैं, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के कथित आंकड़ों से अधिक हैं।

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद महिला कांग्रेस के भीतर पद और जिम्मेदारियों के निर्धारण को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि संगठन में जमीनी स्तर पर किए गए कार्य और सदस्यता अभियान में प्रदर्शन को अधिक महत्व मिलना चाहिए। हालांकि, इन दावों और लीक दस्तावेजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है तथा महिला कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






































