WASHINGTON NEWS. अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि ईरान के जवाबी हमलों में उसके करीब 100 सैनिक घायल हुए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जानकारी सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक करने में देरी की गई।

पेंटागन के मुताबिक, 7 जुलाई के बाद हुए हमलों में घायल अधिकांश सैनिकों को सिर में हल्की चोटें आई थीं। इनमें से करीब 96 प्रतिशत सैनिक उपचार के बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं, जबकि शेष का इलाज जारी है।

यह बयान उस समय सामने आया, जब न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय घायल सैनिकों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक नहीं कर रहा है। इस पर सफाई देते हुए पेंटागन ने कहा कि जानकारी छिपाने का उद्देश्य तथ्यों को दबाना नहीं, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

जवाबी कार्रवाई में ईरान के 9 शहरों पर हवाई हमले
ईरानी हमलों के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार सुबह ईरान के 9 प्रमुख शहरों और रणनीतिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। ईरान की लेबर न्यूज एजेंसी के अनुसार, जिन इलाकों को निशाना बनाया गया उनमें अबदानान, बंदर अब्बास, बंदर लेंगेह, बुशेहर, चाबहार, केश्म द्वीप, सीरिक, शीराज और कोनारक शामिल हैं।

क्षेत्र में बढ़ा युद्ध का खतरा
लगातार हो रहे जवाबी हमलों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, जबकि सैन्य गतिविधियों में तेजी से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।






































