DANTEWADA NEWS. बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों से मिली सूचना के आधार पर बारसूर थाना क्षेत्र के तोड़मा गांव के जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा डंप बरामद किया गया। इस कार्रवाई में सोना, नकदी और बड़ी मात्रा में घातक हथियार मिलने से माओवादियों की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद सामग्री में करीब 116 ग्राम का सोने का बिस्कुट (अनुमानित कीमत लगभग 16 लाख रुपये), 2 लाख रुपये नकद, एक इंसास राइफल, पांच 12 बोर बंदूकें, तीन बीजीएल लॉन्चर, बड़ी संख्या में मैग्जीन और कारतूस शामिल हैं।

इसके अलावा टिफिन बम, पाइप बम, तीर बम, हैंड ग्रेनेड, मोर्टार, डेटोनेटर, जिलेटिन और अन्य विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। कुल बरामद सामग्री की कीमत लगभग 18 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों की सटीक निशानदेही पर की गई। उनका कहना है कि बरामद हथियार और विस्फोटक सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की तैयारी का हिस्सा हो सकते थे, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर इस संभावित हमले को विफल कर दिया गया।

दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष सक्रिय माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाते हुए मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे ठिकानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।






































