JAIDEEP SAHU WINS DOUBLE GOLD रायपुर। छत्तीसगढ़ के पावरलिफ्टर जयदीप साहू ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित एशिया-पैसिफिक इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। जयदीप ने 66 किलोग्राम भार वर्ग में क्लासिक और इक्विप्ड दोनों श्रेणियों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

एक ही टूर्नामेंट में दो स्वर्ण पदक
दक्षिण अफ्रीका में 4 से 12 जुलाई तक आयोजित प्रतियोगिता में जयदीप साहू ने पहले 6 जुलाई को इक्विप्ड कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद क्लासिक कैटेगरी में भी गोल्ड जीतकर भारत और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। यह उपलब्धि उनके करियर की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।

15 वर्षों की मेहनत लाई रंग
जयदीप साहू पिछले 15 वर्षों से प्राकृतिक और पौष्टिक खानपान के साथ अनुशासित तरीके से पावरलिफ्टिंग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवाओं के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित किया कि कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

पिता बने कोच और प्रेरणास्रोत
जयदीप की सफलता के पीछे उनके पिता एवं अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग कोच कृष्णा साहू का अहम योगदान रहा है। कृष्णा साहू स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी, भारतीय टीम के कोच और अंतरराष्ट्रीय निर्णायक रह चुके हैं। जयदीप ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता जानकी साहू, पिता कृष्णा साहू और पत्नी सोनल साहू को दिया है।

WADA की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा
जयदीप ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों के डोप टेस्ट लिए गए, जिससे निष्पक्ष प्रतियोगिता और डोप-फ्री खिलाड़ियों का विश्वास और मजबूत हुआ।

वीर जवानों को समर्पित किए दोनों गोल्ड
जयदीप साहू ने अपने दोनों स्वर्ण पदक भारत के वीर जवानों को समर्पित किए हैं। साथ ही उन्होंने पावरलिफ्टिंग इंडिया, छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन, अपने कोच, सहयोगियों और सभी समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन उन्हें शासकीय सेवा का अवसर प्रदान करेगा।






































