INDIAN RAILWAYS नई दिल्ली : ट्रेन के फर्स्ट एसी (1AC) के एक केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद रेलवे प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित टिकट चेकर (TC) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 6 जुलाई 2026 की है। ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक दंपति ने अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेशन सर्विस बुक की थी। इसके बाद डेकोरेटर ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में पहुंचा और पूरे केबिन को फूलों और अन्य सजावटी सामान से इस तरह सजाया कि वह सुहागरात के कमरे जैसा दिखाई देने लगा।

इस सजावट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। रेलवे ने इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही माना और प्रथम दृष्टया जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित टीसी को निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

यात्रियों को सजावट पर नहीं, अनधिकृत प्रवेश पर आपत्ति
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि कोई यात्री पूरा 1AC केबिन बुक करता है और उसे अपने स्तर पर स्वयं सजाता है, तो रेलवे को उस पर कोई आपत्ति नहीं है। यह यात्री का व्यक्तिगत निर्णय माना जाता है और इसे नियमों का उल्लंघन नहीं समझा जाता।

हालांकि, इस मामले में विवाद की मुख्य वजह निजी डेकोरेटर का बिना अनुमति ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में प्रवेश करना है। रेलवे का कहना है कि किसी बाहरी व्यक्ति का बिना अधिकृत अनुमति के वीआईपी श्रेणी के कोच में प्रवेश सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है और इसे गंभीर चूक माना जाता है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
रेलवे प्रशासन का कहना है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाहरी व्यक्ति को ट्रेन के भीतर प्रवेश कैसे मिला और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।





































