RAIPUR NEWS. कांग्रेस ने रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई और विस्थापन के विरोध में बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में राजभवन तक 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। वीआईपी चौक होते हुए यात्रा लोकभवन पहुंची, जहां कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलने पहुंचा, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने लोकभवन के सामने धरना दिया और चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नकटी गांव के प्रभावित परिवारों ने सड़क पर बैठकर सामूहिक भोजन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने “नकटी में ही घर बनाओ” के नारे लगाए और गांव में ही पुनर्वास की मांग दोहराई। यात्रा जब मेक इन इंडिया चौक पहुंची तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर आगे बढ़ना चाहते थे, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल रहा और सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

महिलाओं ने लगाए मारपीट के आरोप
प्रदर्शन में शामिल कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक रोकने की कोशिश की और धक्का-मुक्की की। उनका कहना था कि जब तक राज्यपाल से मुलाकात नहीं कराई जाएगी और उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होगी, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगी।

राज्यपाल से नहीं हो सकी मुलाकात
लोकभवन पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक अनीता शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे सहित अन्य नेता शामिल थे। कांग्रेस का आरोप है कि दो बार पत्र देने के बावजूद राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

‘नकटी में ही घर मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा’
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रभावित परिवारों को नकटी गांव में ही आवास और सम्मानजनक पुनर्वास मिलने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

प्रभावित परिवारों की एक ही मांग
पदयात्रा में शामिल प्रभावित परिवारों, विशेषकर महिलाओं ने कहा कि वे अपने गांव को छोड़ना नहीं चाहते। उनका कहना है कि सरकार उन्हें नकटी गांव में ही घर बनाकर दे और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के किसी भी तरह की कार्रवाई न करे। प्रतिनिधिमंडल ने इसी मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया।





































