NEW DELHI NEWS. नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले चल रहा आंदोलन सोमवार को नए चरण में पहुंच गया। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और संसद मार्च की तैयारी की। हालांकि दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए संसद परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।

प्रदर्शनकारियों ने सुबह जंतर-मंतर के आसपास लगाई गई बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन बाद में पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर लिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी तरह की हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश नहीं होने दी जाएगी। उनके मुताबिक आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।

भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए तीन प्रमुख शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जिम्मेदारी स्वीकार करे। साथ ही CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाकर सांसदों से मुलाकात करने की अनुमति दी जाए और जनप्रतिनिधि इन मुद्दों को सदन में उठाने का भरोसा दें। यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव नहीं हो सके तो सांसद अस्पताल पहुंचकर यही आश्वासन दें।

रातभर चला विरोध, सुबह हटाई गई बैरिकेडिंग
जंतर-मंतर पर रविवार रात से ही प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती रही। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की थी। सुबह प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर हालात पर नियंत्रण बनाए रखा। संसद मार्च की घोषणा के बाद सुरक्षा कारणों से संसद परिसर के आसपास पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई। एहतियात के तौर पर जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सेवा भवन और राजीव चौक समेत कई मेट्रो स्टेशनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित किया गया।

बिना अनुमति मार्च पर क्या है नियम?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। हालांकि सार्वजनिक रैली, जुलूस या संसद मार्च आयोजित करने के लिए स्थानीय प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है। प्रशासन सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात की स्थिति को देखते हुए अनुमति देता है। बिना अनुमति मार्च निकालने की स्थिति में पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।



































