NEW JAURSY NEWS. रोमांच से भरपूर फुटबॉल विश्व कप के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। मुकाबले का फैसला अतिरिक्त समय में हुआ, जब स्पेन के फॉरवर्ड फेरन टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। फाइनल में स्पेन ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और लगातार अर्जेंटीना के गोल पर दबाव बनाए रखा। लामिन यमाल, मिकेल ओयारजाबाल, पेड्री और निको विलियम्स ने कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने शानदार बचाव करते हुए टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

लगातार हमलों के बावजूद स्पेन को सफलता नहीं मिल रही थी, लेकिन अतिरिक्त समय में टीम का दबाव आखिरकार रंग लाया। अतिरिक्त समय में निको विलियम्स ने बेहतरीन मूव तैयार किया और गेंद फेरन टोरेस तक पहुंचाई। टोरेस ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए दमदार शॉट लगाया, जिसे रोकना मार्टिनेज के लिए भी संभव नहीं रहा। यही गोल मैच का निर्णायक पल साबित हुआ।

मुकाबले के अंतिम चरण में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब मिडफील्डर एंजो फर्नांडीज को दूसरे येलो कार्ड के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद टीम को शेष समय 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिसका फायदा स्पेन ने उठाया। युवा स्टार लामिन यमाल ने पूरे मुकाबले में अपनी गति और आक्रामक खेल से अर्जेंटीना के डिफेंस को लगातार परेशान किया। हालांकि वे गोल नहीं कर सके, लेकिन स्पेन के कई हमलों की शुरुआत उन्हीं के प्रयासों से हुई।

गेंद पर रहा स्पेन का नियंत्रण
पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड से खेल की रफ्तार तय की। टीम ने लगातार अटैक करते हुए अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना जवाबी हमलों के सीमित अवसर ही बना सकी।

जीत के बाद जश्न का माहौल
रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही स्पेनिश खिलाड़ी मैदान पर जश्न मनाने लगे। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने एक-दूसरे को गले लगाकर जीत का जश्न मनाया, जबकि अर्जेंटीना के खिलाड़ियों में हार की निराशा साफ दिखाई दी।



































